breaking news

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस – नयी सुबह की ओर

टैलकम पाउडर से  कैंसर -अमेरिकी दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर कोर्ट ने 55 मिलियन डॉलर का जुरमाना लगाया
0

टैलकम पाउडर से कैंसर -अमेरिकी दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर कोर्ट ने 55 मिलियन डॉलर का जुरमाना लगाया

May 4th, 2016 | by admin
अमेरिकी दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर कोर्ट ने 55 मिलियन डॉलर यानि तकरीबन 365 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया... Read more
एक भाव -नारी को समर्पित
0

एक भाव -नारी को समर्पित

March 9th, 2016 | by admin
अनिता मिश्रा!! हां मै नारी हुं,सब तो मुझसे ही है, प्रकृति हुं दुख-दर्द झेल्ती बीज को कोख मे पालती, हर झंझावात... Read more
हौसला, प्रतिभा, त्याग की भावना, निस्वार्थ प्रेम और खूबसूरती का सम्मिश्रण हैं महिलाएं – शाहरुख  खान
0

हौसला, प्रतिभा, त्याग की भावना, निस्वार्थ प्रेम और खूबसूरती का सम्मिश्रण हैं महिलाएं – शाहरुख खान

March 9th, 2016 | by admin
मंगलवार को ‘इंटरनेशनल विमेंस डे’ के मौके पर बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने कहा कि कभी-कभी उनके जेहन में... Read more
कविता – संदेह के परे
1

कविता – संदेह के परे

March 8th, 2016 | by admin
शिखा गुप्ता मैं ….. हर बिन्दु पर सहेजती रही तुम्हारा नाम तुम … ढूंढते रहे एक शून्य जिसके केंद्र में मुझे... Read more
लड़की
0

लड़की

March 8th, 2016 | by admin
कविता विकास —————————- पिता की अंगुली पकड़ कर चलने वाली लड़की देखते – देखते सयानी हो जाती है अपने निवाला का... Read more
लघुकथा – फैसला
1

लघुकथा – फैसला

March 8th, 2016 | by admin
शिवानी जैन शर्मा “माँ सीरियस है जल्दी आ जाओ।” भैया के ये शब्द बार बार कानों में गूंज रहे थे मगर आँखों और... Read more
लघु कथा -समझौता
0

लघु कथा -समझौता

March 8th, 2016 | by admin
“आज फिर वही साड़ी ! कितनी बार कहा है तुम्हें..इस साड़ी को मत पहना करो ! तुम्हें समझ नहीं आता क्या !” “यही तो फर्क... Read more
कविता – विकल्प
0

कविता – विकल्प

March 8th, 2016 | by admin
संगीता पाण्डेय . अस्पताल का बिस्तर, अनंत को चीरती, शून्य को निहारती , निस्तेज आखें , अस्सी / नब्बे प्रतिशत... Read more
कविता – !!मैं समझती हूँ !!!
0

कविता – !!मैं समझती हूँ !!!

March 8th, 2016 | by admin
किरण सिंह मैं समझती हूँ तुम्हारे भावनाओं को तब से जब तुमने पूर्ण विश्वास के साथ मुझे सौप दिया था अपना घर... Read more
कहानी – हार गयी जिंदगी
0

कहानी – हार गयी जिंदगी

March 8th, 2016 | by admin
अपर्णा शाह बरसात का उतरता मौसम,कभी उमस,कभी ठण्ड का अहसास करवाता है। रात में देर से आँख लगी थी तो ऐसे में सुबह... Read more
Translate »