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संस्मरण

यादों के झरोखों से – जब अटल जी ने कहा था :हमें बाहरी लोगों से उतना खतरा नहीं, जितना कि अंदर वालों से है
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यादों के झरोखों से – जब अटल जी ने कहा था :हमें बाहरी लोगों से उतना खतरा नहीं, जितना कि अंदर वालों से है

October 6th, 2016 | by admin
सरिता जैन आज सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जिस तरह से देश में ही अपनी सेना के खिलाफ बोला जा रहा है उसे देख कर अटलजी... Read more
विदाई – मिलन और जुदाई का अनूठा समन्वय
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विदाई – मिलन और जुदाई का अनूठा समन्वय

September 27th, 2016 | by admin
वंदना बाजपेयी जीवन भी कितना विचित्र है आज यूँ ही मुकेश का गाया यह गीत कानों में पड गया और मन की घडी के कांटे... Read more
ऐसे थे हमारे कल्लू भईया! (एक सच्ची कहानी)
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ऐसे थे हमारे कल्लू भईया! (एक सच्ची कहानी)

August 19th, 2016 | by admin
अजय कुमार श्रीवास्तव (दीपू) लखनऊ बात 1986 की है मैं उस समय हाईस्कूल का छात्र हुआ करता था। मेरी दोस्ती हुई राजीव... Read more
संस्मरण – 13 फरवरी 2006
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संस्मरण – 13 फरवरी 2006

July 17th, 2016 | by admin
किरण सिंह वेदना पिघल कर आँखों से छलकने को आतुर थीं.. पलकें अश्रुओं को सम्हालने में खुद को असहाय महसूस कर रही... Read more
स्कूल के सामने खड़े होकर
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स्कूल के सामने खड़े होकर

July 8th, 2016 | by admin
अशोक कुमार स्कूल के सामने खड़े होकर 1 _________________________ यह है पटना का एक विद्यालय सर गणेश दत्त पाटलिपुत्र उच्च... Read more
“फादर्स डे “पर विशेष -वो २२ दिन
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“फादर्स डे “पर विशेष -वो २२ दिन

June 17th, 2016 | by admin
आपकी ज़िन्दगी आपकी साँसें जब तक रहेंगी तब तक हर दिन पिता को समर्पित होगा वो हैं तो तुम हो उनके होने से ही तुम... Read more
अरुंधती – शिवानी
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अरुंधती – शिवानी

May 22nd, 2016 | by admin
उसका साथ यद्यपि तीन ही वर्ष रहा, पर उस संक्षिप्त अवधि में भी हम दोनों अटूट मैत्री की डोर में बँध गए। उन दिनों... Read more
“हे ईश्वर  !क्या वो तुम थे ” (संस्मरण )
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“हे ईश्वर !क्या वो तुम थे ” (संस्मरण )

May 14th, 2016 | by admin
वंदना बाजपेयी – कार्यकारी संपादक अटूट बंधन बचपन में माँ के मुँह से अक्सर एक भजन सुना करतीं थी। …… “जहाँ गीध... Read more
मदर्स डे – संघर्षों की मिसाल – मेरी माँ
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मदर्स डे – संघर्षों की मिसाल – मेरी माँ

May 8th, 2016 | by admin
साधना सिंह माँ से शुरू से मेरा रिश्ता कुछ खट्टा-मीठा सा ही है। बहुत सारी बातों पर हमारा मतभेद हो जाता है। पर... Read more
मदर्स डे पर विशेष : मेरी आदर्श -माँ
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मदर्स डे पर विशेष : मेरी आदर्श -माँ

May 3rd, 2016 | by admin
संजय वर्मा “दर्ष्टि “ जब मै छोटा था तो माँ से एक सवाल गर्मी के मौसम मे पूछा करता था | माँ.. गोरय्या इतनी उचे... Read more
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