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क्या कहता है अंगों का फडकना

December 8th, 2016 | by admin
क्या कहता है अंगों का फडकना
वास्तु शास्त्र
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भारत में बहुत सी मान्यताओं का चलन है। किसी मान्यता को हम मानते है और किसी को नही। ऐसे ही हमारे शरीर के अंगों का फड़कने के एक महत्व है जिसे अधिकतर लोग मानते है। हमारा शरीर बहुत ही संवेदनशील होता है। इसी कारण हमारा शरीर भविष्य में होने वाली घटनाओं के पहले से ही आशंका व्यक्त कर देता है। भविष्य की घटनाओं से अवगत कराने के लिए हमारे शरीर के विभिन्न अंग फड़कने लगते है। अंगों का फड़कना ही हमे शुभ और अशुभ बातों के बारें में बताता है।

मारे शरीर के पर अंग के फड़कने के कोई न कोई महत्व होता है। माना जाता है कि पुरुष औऱ महिलाओं के अंग फड़कनें का मतलब अलग-अलग होता है। जानिए एस्टोलॉजी के अनुसार अंगों के फड़कने के मतलब।

आंखों के फड़कने पर माना जाता है कि अगर महिलाओं की दाहिनी आंख फड़कने से शुभ समाचार मिलता है वहीं पुरूषों की बाई आंख का फड़कना अच्छा होता है। महिलाओं की बाई आंख फडकने का मतलब है कि उसके या परिवार में किसी को कोई बीमारी हो सकती है।

बाई आंख का ऊपरी फलक फड़के तो आपकी अपने दुश्मन से और अधिक दुश्मनी हो सकती है। नीचे का फलक फड़कता है तो किसी से बेवजह बहस हो सकती है और आपको अपमानित होना पड़ सकता है।

बाई आंख की नाक की ओर का कोना फड़कता है जिसका फल शुभ होता है। पुत्र प्राप्ति की सूचना मिल सकती है या फिर किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है।

नों आंखे एक साथ फड़कती हो तो चाहे वह स्त्री की हो या पुरुष की उनका फल एक जैसा ही होता है। किसी बिछुड़े हुए अच्छे मित्र से मुलाकात हो सकती है।
दांई आंख पीछे की ओर फड़कती है तो इसका फल अशुभ होता है। बाई आंख ऊपर की और फड़कती हो तो इसका फल शुभ होता है। महिला की बाई आंख फड़कती हो तो शुभ फल होता है।
यदि दोनों गाल फड़के तो आफको अतुल धन की प्राप्ति होती है। अगर होंठ फडफड़ाएं तो किसी हितैषी का आगमन होता है। मुंह का फड़कना पुत्र की ओर से शुभ समाचार का सूचक होता है। यदि लगातार दाहिनी पलक फडफड़ाए तो शारीरिक कष्ट हो सकता है।

अगर दाई हाथ की हथेली फड़क रही तो आपको पैसा औऱ मान-सम्मान मिलता है वही बाई हथेली हो तो पैसे का नुकसान हो सकता है।
होंठो का फड़कना किसी प्यारी चीज से मिलनें का संकेत माना जाता है। यदि होंठो के ऊपरी हिस्सा फड़क रहा है तो आपके शत्रुओं का नाश होता है । होंठो के निचले भाग का फड़कना किसी प्यारें दोस्त से मुलाकात हो सकती हैं।

अगर आपका दायां कंधा फड़क रहा है तो आपको बिछड़ा हुआ भाई मिल सकता है और यदि बायां कंधा फड़के तो रक्त विकार या वात संबधी बीमारी हो सकती है। यदि दोनो कंधे फड़क रहे हो तो किसी से आपका झगड़ा हो सकता है।

अगर आपकी मूछों मे फड़कन हो रही है तो यह आपके लिए शुभ संकेत है, इससे समृद्धि आती है। वहीं अगर आपकी मूंछ का केवल बायां हिस्सा फड़क रहा है तो किसी के साथ बहस होने की संभावना रहती है।

अगर आपकी दाहिनी कनपटी फड़के तो आप जिस काम के लिए जा रहे है उसमें आपको सफलता मिलेगी वहीं बांई कनपटी के फड़कने पर मनचाही वस्तु मिल सकती है।
यदि आपका दाहिना कान फड़के तो आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है और वही बायां कान फडके तो प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात हो सकती है।

यदि आपकी दाहिनी आंख व भौंह फड़के तो आपकी सभी मनोकामना पूरी होगी। बांई आंख व भौंह फड़के तो शुभ समाचार मिलता है। दाई आंख ऊपर की ओर के पलक में फड़कती है तो आपको पैसा और कीर्ति मिलेगी या नौकरी में पदोन्नति हो सकती है लेकिन नीचे का पलक फडके है तो यह कुछ अशुभ होने की संभावना व्यक्त करता है।

अगर आपके पैर के तालू में फड़कन है तो यह आर्थिक लाभ का शुभ संकेत है। दायां तालू फडके तो यह बीमारी की सूचना दे रहा है। बाएं तालू का फड़कना हो तो आप किसी अपराध के चलते जेल जा सकते है।

अगर आपका हृदय फड़के तो आपको इष्टसिद्धि दिलाती है।

अगर आपकी पीठ फड़के तो किसी विपदा में फंसने की संभावना रहती है। दाहिनी ओर की बगल फड़के तो नेत्रों का रोग हो जाता है। पसलियां फड़के तो विपदा आती है। छाती में फडफड़ाहट मित्र से मिलने का सूचक होती है। ह्रदय का ऊपरी भाग फड़के तो झगड़ा होने की संभावना होती है। नितंबों के फड़कने पर प्रसिद्धि व सुख मिलता है।

अगर आपके पेट में फड़कन है तो यह अन्न की समृद्धि की सूचना देता है। यदि पेट का दांया हिस्सा फड़क रहा है तो घर में धन दौलत की वृद्धि होगी सुख और खुशहाली बढ़ती है।

अगर आपके पेट का बांया हिस्सा फड़कता है तो धन समृद्धि धीमी गति से बढ़ती है वैसे यह शुभ नहीं है।

अगर पेट का ऊपरी भाग फड़कता है तो यह अशुभ होता है। लेकिन पेट के नीचे का भाग फड़कता है तो स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति होती है।

यदि पीठ दाई ओर से फड़क रही है तो धन धान्य की वृद्धि हो सकती है लेकिन पीठ के बाए भाग का फड़कना ठीक नहीं होता है। असके फडकनें से मुकद्दमे में हार या किसी से झगड़ा हो सकता है।

अगर बाई पीठ में फड़कन धीमी हो तो परिवार में कन्या का जन्म होना संभव है और फड़कन तेज हो तो समय से पहले ही प्रसव हो सकता है।

अगर पीठ का ऊपरी हिस्सा फड़क रहा हो तो धन की प्राप्ति होती है और पीठ का निचला हिस्सा फड़कता है तो बहुत से मनुष्यों की प्रशंसा मिलने की संभावना रहती है।

पढ़िए ज्योतिष

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