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शायरी

बूँद और समुद्र
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बूँद और समुद्र

September 16th, 2016 | by admin
इसे बनाने में , कितनी बूंदों ने छोड़ा है आसमान अपना कभी गिनते हो क्या जब समुन्दर की बात...
हाँ दिल-ए-दर्दमंद ज़म-ज़मा साज़- ग़ालिब
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हाँ दिल-ए-दर्दमंद ज़म-ज़मा साज़- ग़ालिब

September 8th, 2016 | by admin
हाँ दिल-ए-दर्दमंद ज़म-ज़मा साज़ क्यूँ न खोले दर-ए-ख़ज़िना-ए-राज़ ख़ामे का सफ़्हे पर रवाँ...
जाना था कहाँ और निकले हैं कहाँ के लिए
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जाना था कहाँ और निकले हैं कहाँ के लिए

September 2nd, 2016 | by admin
साहित्यकार सपना मांगलिक जाना था कहाँ और निकले हैं कहाँ के लिए ऐ खुदा क्या हम ही मिले थे...
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता- बशीर बद्र
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यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता- बशीर बद्र

August 29th, 2016 | by admin
कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता जी बहुत चाहता है सच बोलें क्या करें...
ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा – गुलज़ार
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ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा – गुलज़ार

August 18th, 2016 | by admin
ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा क़ाफिला साथ और सफ़र तन्हा अपने साये से चौंक जाते हैं उम्र...
दोस्त गहरे हैं तो फिर जख्म भी गहरे होंगे- अहमद फ़राज़
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दोस्त गहरे हैं तो फिर जख्म भी गहरे होंगे- अहमद फ़राज़

August 7th, 2016 | by admin
हर कोई इतना खुश नसीब नहीं होता की उसे सच्चे दोस्त मिल ही जाए |कई मुलायम दिल वाले लोग ऐसे...
मोहसिन नकवी के कुछ उम्दा शेर
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मोहसिन नकवी के कुछ उम्दा शेर

August 3rd, 2016 | by admin
मोहसिन नकवी का असली नाम गुलाम अब्बास नकवी था. उनका जनम 1955 में पाकिस्तान में डेरा गाजी खान...
गले मिलने को आपस में दुआएँ रोज़ आती हैं- मुनव्वर  राना
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गले मिलने को आपस में दुआएँ रोज़ आती हैं- मुनव्वर राना

July 7th, 2016 | by admin
गले मिलने को आपस में दुआएँ रोज़ आती हैं अभी मस्ज़िद के दरवाज़े पे माएँ रोज़ आती हैं अभी...
बात करनी है, बात कौन करे- कुमार विश्वास
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बात करनी है, बात कौन करे- कुमार विश्वास

July 7th, 2016 | by admin
बात करनी है, बात कौन करे दर्द से दो-दो हाथ कौन करे हम सितारे तुम्हें बुलाते हैं चाँद ना हो...
कौन अब किसको समझायें कहां तक
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कौन अब किसको समझायें कहां तक

June 12th, 2016 | by admin
अजय चंद्रवंशी कौन अब किसको समझायें कहां तक टूटते रिश्तों को बचायें कहां तक वे हमारे दिल...
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